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Wednesday, 11 December 2019

रेलवे का सीकर चूरू झुंझुनू ट्रैक शेखावाटी का मुख्य मुद्दा बना!

रेलवे का सीकर चूरू झुंझुनू ट्रैक शेखावाटी का मुख्य मुद्दा बना!

सीकर: ट्रेन संचालन को लेकर शेखावाटी जन के बीच ट्रेन संचालन का मुद्दा मुख्य विषय बना हुआ है जबसे गेज परिवर्तन हुआ है तब से शेखावाटी के लिए नई ट्रेनों की घोषणा का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं,
हालांकि कई ट्रेन रेलवे द्वारा इस ट्रैक पर चलाई गई हैं इनमें से कुछ ट्रेन यात्रियों के मन के मुताबिक हैं तो कई ट्रेनों का टाइम टेबल लोगों को रास नहीं आ रहा है, रेलवे धीमे-धीमे इस ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ा रहा है परंतु रेलवे की यह धीमी गति लोगों को रास नहीं आ रही है,
यहां के लोग कई साल आमान परिवर्तन होने का इंतजार किया है इसी कारण अब लोग ज्यादा इंतजार करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है,
🚇कब से हुआ आमान परिवर्तन का कार्य शुरु
यदि आमान परिवर्तन के कार्य के शुरू होने की बात करें तो शेखावटी ट्रैक का गेज परिवर्तन का कार्य सन: 2011 में ही शुरू हो गया था, यह कार्य तीन चरणों में पूरा करने के लिए रेलवे ने सबसे पहले सन 2011 में सीकर से लोहारू तक का गेज परिवर्तन का कार्य शुरू किया,

🛤️गेज परिवर्तन के तीन चरण
1) इसमें सबसे पहले चरण में सीकर से लोहारू तक का गेज परिवर्तन,
2) दूसरे चरण में सीकर से चूरू तक
3) तीसरे चरण में सीकर से जयपुर तक का कार्य

इन तीनों ही चरणों के गेज परिवर्तन के कार्य से शेखावाटी के तीनों जिले एक साथ प्रभावित ना हो, इस कारण पहले चरण में सीकर लोहारू ट्रैक का काम शुरू हुआ जिसके कारण जयपुर से चूरू तक चलने वाली ट्रेनें प्रभावित नहीं हुई, सीकर लोहारू ट्रैक का काम का काम भी काफी बार बंद हुआ, परंतु तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला के प्रयास से आखिरकार यह ट्रैक बनकर तैयार हुआ,


इसके बाद दूसरे चरण में सीकर से चूरू ट्रेन का गेज परिवर्तन का कार्य शुरू हुआ सीकर चूरू गेज परिवर्तन के कारण जयपुर से सीकर तक की ट्रेनें प्रभावित नहीं हुई, जब तक चूरू सीकर गेज परिवर्तन का कार्य चलता रहा तब तक सीकर जयपुर  ट्रेनें यथावत चलती रही, परंतु जैसे ही चूरू सीकर गेज परिवर्तन का कार्य पूर्ण हुआ शेखावाटी ट्रैक पर मीटर गेज से चलने वाली ट्रेनें बंद हो गई और पूरा शेखावटी ट्रेन चलने का इंतजार करना शुरू कर दिया,
क्योंकि सीकर चूरू ट्रैक बनने के बाद अंतिम चरण में सीकर से जयपुर तक का गेज परिवर्तन का कार्य शुरू हुआ यह कार्य सालों साल चलता रहा था, सन 2019 में यह कार्य पूर्ण हुआ परंतु जब तक शेखावाटी ट्रैक का कार्य पूरा हुआ तब तक 8 साल बीत चुके थे,
अब ट्रेन चलने का सबसे ज्यादा इंतजार करने वाले क्षेत्र तथा सबसे कम इंतजार करने वाले लोगों की बात करें तो सबसे ज्यादा इंतजार सीकर से लोहारू ट्रैक के लोगों ने इंतजार किया है, क्योंकि सन 2011 में गेज परिवर्तन का काम सबसे पहले वहीं से शुरू हुआ था,

इसके बाद सबसे कम इंतजार की बात करें तो सबसे कम इंतजार sikar-jaipur के लोगों ने किया है क्योंकि इस ट्रैक का कार्य सबसे बाद में शुरू हुआ था,

👥शेखावाटी के लोग कितने निर्भर हैं

यदि ट्रेन पर निर्भरता की बात करें तो पूरे शेखावाटी के निम्न वर्ग के लोग ट्रेन पर निर्भर थे, क्योंकि यहां के लोग लोग ट्रेन को सबसे सस्ता तथा सुलभ साधन मानते थे, इसी कारण चूरू सीकर झुंझुनू के अधिकांश यात्री सन 2011 से पहले जयपुर तक ट्रेन से ही सफर करना पसंद करते थे, इसी कारण जब ट्रेन बंद हुई तो लोग काफी परेशान हुए तथा लोगों को मजबूरन प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ा,

🚇ट्रेन तथा बस की राय की तुलना🚌

यदि ट्रेन टिकट के पैसे तथा बस किराए की तुलना करें तो जहां झुंझुनू से जयपुर तक किराया बस से ₹180 होता है वही ट्रेन से यह बड़ा मात्र ₹40 होता था, इसी प्रकार सीकर से जयपुर तक बस किराया ₹100 है तो ट्रेन से यही किराया मात्र ₹30 होता है,
वही त्योहारी सीजन में बस किराए की बात करें तो यही बस ऑपरेटर अपना किराया 3 गुना बढ़ा देते हैं तथा यात्रियों को बस में खड़ा होकर सफर करना पड़ता है,

👥शेखावाटी के लोगों की जयपुर से कनेक्टिविटी

पूरे राजस्थान में शेखावाटी के लोग जयपुर में सबसे ज्यादा जुड़े हुए हैं, इनमें से कुछ लोग नौकरी पैसे वाले तो कुछ पढ़ने वाले होते हैं, लगभग 2 से 3 लाख लोग जयपुर से जुड़े हुए हैं, इसमें सीकर तक की यात्री जो नौकरी पैसे वाले होते हैं वह हर रोज ट्रेन से यात्रा करते थे, इन्हीं सब की वजह से शेखावाटी के लोग जब से ट्रेन बंद हुई है तब से यात्रा को लेकर परेशान हैं,


जब शेखावाटी ट्रैक को अक्टूबर 2019 में मंजूरी मिली तब लोगों को एक आस बंधी थी की अब ट्रेन का संचालन फिर से शुरू हो पाएगा, इसी कड़ी में सीकर को तीन से चार ट्रेनी मिल भी चुकी है,

परंतु अभी चूरू और झुंझुनूं को पूर्ण रूप से तय समय और सही संख्या में ट्रेन नहीं मिल पाई हैं, इसी कारण यह मुद्दा संसद तक जा पहुंचा है, चूरू सांसद राहुल कसवा जहां रेल मंत्री पियूष गोयल से मिलकर चूरू के लिए ट्रेन चलाने की मांग की है, तो वहीं झुंझुनू सांसद नरेंद्र खिचड़ संसद में ट्रेनों को लेकर आवाज उठाने के साथ-साथ पियूष गोयल से मुलाकात की है,


👤चूरू सांसद की रेल मंत्री से मांग
चूरू सांसद राहुल कसवा ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर जोधपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला चलने वाली गाड़ी को ऋषिकेश हरिद्वार तक बढ़ाने की मांग की उनका कहना था कि यह गाड़ी दिल्ली पहुंचकर करीब 17 से 18 घंटे दिल्ली सराय पर खड़ी रहती है, यदि इस गाड़ी को ऋषिकेश हरिद्वार तक संचालित किया जाए तो चूरू संसदीय क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा होगा,
इसके अलावा उन्होंने वर्तमान में मंजूरी मिली कोटा हिसार ट्रेन को झुंझुनू लोहारू के साथ चूरू के रास्ते भी चलाने की मांग रखी,

👤झुंझुनू सांसद की रेल मंत्री से मांग

झुंझुनू सांसद नरेंद्र खीचड़ ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर हफ्ते में 3 दिन दिल्ली सराय से जयपुर तक जाने वाली सैनिक एक्सप्रेस को रोजाना चलाने की मांग की, तथा हिसार कोटा ट्रेन का झुंझुनू सूरजगढ़ लोहारू के रास्ते से चलाने की मांग की तथा संसद में भी मुद्दा उठाया,


🚇शेखावाटी ट्रैक पर वर्तमान में संचालित मुख्य ट्रेन*
1) 1907/19708 - बांद्रा टर्मिनस जयपुर टर्मिनस गंगानगर तक
2) 79603/79604 - जयपुर सीकर जयपुर डेमू रेल सेवा
3) 14021/14022 - दिल्ली सराय जयपुर दिल्ली से सप्ताहिक सैनिक एक्सप्रेस
4) चूरू रींगस जयपुर डेमू ट्रेन

वहीं लोगों को जयपुर से सीकर तक शुरू हुई डेमू ट्रेन का टाइम टेबल रास नहीं आ रहा है यह ट्रेन हर रोज जयपुर से 10:30 बजे रवाना होती है, जबकि इस टाइमिंग पर इस ट्रैक पर सबसे कम यात्री पर रहता है यदि यही ट्रेन सीकर से 10:30 बजे जयपुर के लिए चलती तो सही होता, इसी प्रकार यह 1:30 बजे सीकर पहुंचने के बाद 2:00 बजे सीकर से जयपुर के लिए वापस रवाना होती है,

🚇🚇संभावित ट्रेन
1) कोटा हिसार ट्रेन - जयपुर सीकर चूरू सादुलपुर सप्ताह में 3 दिन
1) कोटा हिसार ट्रेन - जयपुर सीकर झुंझुनू लोहारू सप्ताह में 4 दिन

4 comments:

  1. चुरू - सीकर के बीच चलने वाली रेलगाडियों को जयपुर तक अविलम्ब बढ़ाया जाए।

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  2. Ha churu Vale paresan Ho rhe h

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  3. हनुमानगढ़ सादुलपुर चूरू सीकर जयपुर तक नई गाड़ी का संचालन किया जाए दिन के समय इस रूट पर कोई सुपरफास्ट गाड़ी नहीं है यह ट्रैक दिन भर खाली रहता है

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  4. बांद्रा जयपुर को सीकर तक बढ़ाया जाए

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